Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 40.33

ततो रक्त जलम् प्राप्य शोण आख्यम् शीघ्र वाहिनीम् ।
गत्वा पारम् समुद्रस्य सिद्ध चारण सेवितम् ॥४-४०-३३॥

पूरा अध्याय