ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 3939.17वाल्मीकि रामायण 39.17पद्म केसर संकाशः तरुण अर्क निभ आननः । बुद्धिमान् वानर श्रेष्ठः सर्व वानर सत्तमः ॥४-३९-१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय