ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 3131.9वाल्मीकि रामायण 31.9सो अग्रजेन अनुशिष्ट अर्थो यथावत् पुरुषर्षभः । प्रविवेश पुरीम् वीरो लक्ष्मणः पर वीर हा ॥४-३१-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय