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वाल्मीकि रामायण 31.45

सत्य संधौ महाभागौ भ्रातरौ राम लक्ष्मणौ ।
वयस्य भावम् संप्राप्तौ राज्य अर्हौ राज्य दायिनौ ॥४-३१-४५॥

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