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वाल्मीकि रामायण 31.1

स कामिनम् दीनम् अदीन सत्त्वःशोक अभिपन्नम् समुदीर्ण कोपम् ।
नरेन्द्र सूनुर् नरदेव पुत्रम्रामानुजः पूर्वजम् इति उवाच ॥४-३१-१॥

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