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वाल्मीकि रामायण 30.69

स किष्किंधाम् प्रविश्य त्वम् ब्रूहि वानर पुंगवम् ।
मूर्खम् ग्राम्य सुखे सक्तम् सुग्रीवम् वचनात् मम ॥४-३०-६९॥

पूरा अध्याय