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वाल्मीकि रामायण 30.34

प्रिय अन्वितानाम् नलिनी प्रियाणाम्वन प्रियाणाम् कुसुम उद्धतानाम् ।
मद उत्कटानाम् मद लालसानाम्गज उत्तमानम् गतयो अद्य मन्दाः ॥४-३०-३४॥

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