ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 22.8वाल्मीकि रामायण 2.8ते क्षिप्रम् अभिगम्य अथ यूथपा यूथपर्षभम् । हरयो वानर श्रेष्ठम् परिवार्य उपतस्थिरे ॥४-२-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय