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वाल्मीकि रामायण 15.17

अयोध्य अधिपतेः पुत्रौ शूरौ समर दुर्जयौ ।
इक्ष्वाकूणाम् कुले जातौ प्रथितौ राम लक्ष्मणौ ॥४-१५-१७॥

पूरा अध्याय