ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 1212.41वाल्मीकि रामायण 12.41स तथा शुशुभे श्रीमान् लतया कण्ठ सक्तया । मालया इव बलाकानाम् ससंध्य इव तोयदः ॥४-१२-४१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय