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वाल्मीकि रामायण 12.17

ततः सुतुमुलम् युद्धम् वालि सुग्रीवयोः अभूत् ।
गगने ग्रहयोः घोरम् बुध अंगारकयोः इव ॥४-१२-१७॥

पूरा अध्याय