Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 10.13

माम् आह सुहृदाम् मध्ये वाक्यम् परम गर्हितम् ।
विदितम् वो मया रात्रौ मायावी स महाअसुरः ॥४-१०-१३॥

पूरा अध्याय