ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 11.111वाल्मीकि रामायण 1.111प्राप्य दुःखम् वने श्यामा माम् मन्मध विकर्शितम् । नष्ट दुःखेव हृष्टेव साध्वी साधु अभ्यभाषत ॥४-१-१११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय