Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 1.10

सुख अनिलोऽयम् सौमित्रे कालः प्रचुर मन्मथः ।
गन्धवान् सुरभिर् मासो जात पुष्प फल द्रुमः ॥४-१-१०॥

पूरा अध्याय