ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 88.14वाल्मीकि रामायण 8.14फुल्ल पंकज खण्डानि प्रसन्न सलिलानि च । कारण्डव विकीर्णानि तटाकानि सरांसि च ॥३-८-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय