Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 74.13

तव अहम् चक्षुषा सौम्य पूता सौम्येन मानद ।
गमिष्याम्यक्षयांलोकांस्वत्प्रसादादरिन्दम - यद्वा -गमिष्यामि अक्षयान् लोकान् त्वत् प्रसादात् अरिंदम ॥३-७४-१३॥

पूरा अध्याय