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वाल्मीकि रामायण 73.43

स्रग्वी भास्कर वर्ण आभः खे व्यरोचत वीर्यवान् ।
तम् तु ख स्थम् महाभागम् कबंधम् राम लक्ष्मणौ ॥३-७३-४३॥

पूरा अध्याय