ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6969.39वाल्मीकि रामायण 69.39मया एकन तु निर्युक्तः परिमुच्यस्व राघव । माम् हि भूत बलिम् दत्त्वा पलास्व यथा सुखम् ॥३-६९-३९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय