ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6767.20वाल्मीकि रामायण 67.20सीताम् आदाय वैदेहीम् उत्पपात विहायसम् । रक्षसा निहतम् पूर्वम् न माम् हन्तुम् त्वम् अर्हसि ॥३-६७-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय