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वाल्मीकि रामायण 64.49

कस्य इमे निहता बाणाः प्रकीर्णा घोर दर्शनः ।
शरावरौ शरैः पूर्णौ विध्वस्तौ पश्य लक्ष्मण ॥३-६४-४९॥

पूरा अध्याय