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वाल्मीकि रामायण 64.4

नैनाम् पश्यामि तीर्थेषु क्रोशतो न शृणोति मे ।
कम् नु सा देशम् आपन्ना वैदेही क्लेश नाशिनी ॥३-६४-४॥

पूरा अध्याय