Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 64.12

मातरम् चैव वैदेह्या विना ताम् अहम् अप्रियम् ।
या मे राज्य विहीनस्य वने वन्येन जीवतः ॥३-६४-१२॥

पूरा अध्याय