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वाल्मीकि रामायण 60.25

शार्दूल यदि सा दृष्टा प्रिया चंद्र निभ आनना ।
मैथिली मम विस्रब्धम् कथयस्व न ते भयम् ॥३-६०-२५॥

पूरा अध्याय