ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6060.17वाल्मीकि रामायण 60.17अशोक शोक अपनुद शोक उपहत चेतनम् । त्वन् नामानम् कुरु क्षिप्रम् प्रिया संदर्शनेन माम् ॥३-६०-१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय