ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6060.13वाल्मीकि रामायण 60.13स्निग्ध पल्लव संकाशाम् पीत कौशेय वासिनीम् । शंसस्व यदि सा दृष्टा बिल्व बिल्व उपम स्तनी ॥३-६०-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय