Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 60.10

यत्नात् मृगयमाणः तु न आससाद वने प्रियाम् ।
शोक रक्त ईक्षणः श्रीमान् उन्मत्त इव लक्ष्यते ॥३-६०-१०॥

पूरा अध्याय