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वाल्मीकि रामायण 56.21

इदम् शरीरम् निःसंज्ञम् बन्ध वा घातयस्व वा ।
न इदम् शरीरम् रक्ष्यम् मे जीवितम् वा अपि राक्षस ॥३-५६-२१॥

पूरा अध्याय