ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 5555.21वाल्मीकि रामायण 55.21राज्य भ्रष्टेन दीनेन तापसेन पदातिना । किम् करिष्यसि रामेण मानुषेण अल्प तेजसा ॥३-५५-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय