ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 5151.19वाल्मीकि रामायण 51.19स भग्न धन्वा विरथो हत अश्वो हत सारथिः । अंकेन आदाय वैदेहीम् पपात भुवि रावणः ॥३-५१-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय