ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 5151.16वाल्मीकि रामायण 51.16अथ त्रिवेणु संपन्नम् कामगम् पावक अर्चिषम् । मणि सोपान चित्र अंगम् बभंज च महारथम् ॥३-५१-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय