Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 50.16

क्षिप्रम् विसृज वैदेहीम् मा त्वा घोरेण चक्षुषा ।
दहेत् दहनभूतेन वृत्रम् इन्द्र अशनिः यथा ॥३-५०-१६॥

पूरा अध्याय