ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 55.19वाल्मीकि रामायण 5.19इह एव सह वैदेह्या मुहूर्तम् तिष्ठ लक्ष्मण । यावत् जानामि अहम् व्यक्तम् क एष द्युतिमान् रथे ॥३-५-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय