ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 55.16वाल्मीकि रामायण 5.16विस्तीर्ण विपुल उरस्काः परिघायत बाहवः । शोणांशु वसनाः सर्वे व्याघ्र इव दुरासदाः ॥३-५-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय