ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4949.36वाल्मीकि रामायण 49.36सा तदा करुणा वाचो विलपंती सुदुःखिता । वनस्पति गतम् ग्रिध्रम् ददर्श आयत लोचना ॥३-४९-३६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय