Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 48.6

यस्य तत् पुष्पकम् नाम विमानम् कामगम् शुभम् ।
वीर्याद् आवर्जितम् भद्रे येन यामि विहायसम् ॥३-४८-६॥

पूरा अध्याय