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वाल्मीकि रामायण 47.29

लंका नाम समुद्रस्य मध्ये मम महापुरी ।
सागरेण परिक्षिप्ता निविष्टा गिरि मूर्धनि ॥३-४७-२९॥

पूरा अध्याय