Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 43.42

स कदाचित् चिरात् लोभात् आससाद महामुनिम् ।
अगस्त्यम् तेजसा युक्तम् भक्ष्यः तस्य बभूव ह ॥३-४३-४२॥

पूरा अध्याय