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वाल्मीकि रामायण 4.24

बभूव स्वर्ग संप्राप्तो न्यस्त देहो महाबलः ।
तत् श्रुत्वा राघवः वाक्यम् लक्ष्मणम् व्यादिदेश ह ॥३-४-२४॥

पूरा अध्याय