ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3737.16वाल्मीकि रामायण 37.16धनुर् व्यादित दीप्त आस्यम् शर अर्चिषम् अमर्षणम् । चाप बाण धरम् तीक्ष्णम् शत्रु सेना अपहारिणम् ॥३-३७-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय