ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3535.38वाल्मीकि रामायण 35.38तत्र कृष्ण अजिन धरम् जटा वल्कल धारिणम् । ददर्श नियत आहारम् मारीचम् नाम राक्षसम् ॥३-३५-३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय