ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3434.15वाल्मीकि रामायण 34.15रामस्य तु विशालाक्षी पूर्णेन्दु सदृश आनना । धर्म पत्नी प्रिया नित्यम् भर्तृः प्रिय हिते रता ॥३-३४-१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय