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वाल्मीकि रामायण 32.25

तम् अब्रवीत् दीप्त विशाल लोचनम्प्रदर्शयित्वा भय लोभ मोहिता ।
सुदारुणम् वाक्यम् अभीत चारिणीमहात्मना शूर्पणखा विरूपिता ॥३-३२-२५॥

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