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वाल्मीकि रामायण 32.13

सर्व दिव्य अस्त्र योक्तारम् यज्ञ विघ्न करम् सदा ।
पुरीम् भोगवतीम् गत्वा पराजित्य च वासुकिम् ॥३-३२-१३॥

पूरा अध्याय