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वाल्मीकि रामायण 31.29

भार्या तस्य उत्तमा लोके सीता नाम सुमध्यमा ।
श्यामा सम विभक्त अंगी स्त्री रत्नम् रत्न बूषिता ॥३-३१-२९॥

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