Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 30.38

गिरि दुर्गात् विनिष्क्रम्य संविवेश आश्रमम् सुखी ।
ततो रामः तु विजयी पूज्यमानो महर्षिभिः ॥३-३०-३८॥

पूरा अध्याय