ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 2929.28वाल्मीकि रामायण 29.28सा विशीर्णा शरैः भिन्ना पपात धरणी तले । गदा मंत्र औषधि बलैर् व्याली इव विनिपातिता ॥३-२९-२८॥पिछलापूरा अध्याय