Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 28.2

स दृष्ट्वा राक्षसम् सैन्यम् अविषह्यम् महाबलम् ।
हतम् एकेन रामेण दूषणः त्रिशिरा अपि ॥३-२८-२॥

पूरा अध्याय