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वाल्मीकि रामायण 26.37

शेषा हता महावीर्या राक्षसा रण मूर्धनि ।
घोरा दुर्विषहाः सर्वे लक्ष्मणस्य अग्रजेन ॥३-२६-३७॥

पूरा अध्याय