ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 2626.34वाल्मीकि रामायण 26.34तत् क्षणे तु महा घोरम् वनम् निहत राक्षसम् । बभूव निरय प्रख्यम् मांस शोणित कर्दमम् ॥३-२६-३४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय