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वाल्मीकि रामायण 26.31

रक्षसाम् तु शतम् रामः शतेन एकेन कर्णिना ।
सहस्रम् तु सहस्रेण जघान रण मूर्धनि ॥३-२६-३१॥

पूरा अध्याय